शुक्रवार, 24 अगस्त 2012

दुनिया की अद्भुत रेल यात्रायें ---



पहाड़ी नदी के समानांतर चलती सड़क और रेल, मानो आपस में होड़ लगा रही हों .




इस जगह तो सड़क भी खतरनाक दिखती है . फिर रेल तो कमाल दिखा रही है .




बर्फ से ढकी पहाड़ियों के बीच बर्फीली घाटी से गुजरती रेल .



झील को चीरती रेल तो पहली बार देखी है .



कंधे से कन्धा मिलाकर चलती रेल .




अंत में केटर पिलर रेल .


नहीं जानते ये ट्रेन्स कहाँ की हैं . शायद आप बता पायें !




10 टिप्‍पणियां:

  1. वाह! बेहद खुबसूरत द्रश्य हैं.....

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  2. इस रेल अनुराग का क्या कही मनोरम हैं तमाम झांकियां ,मुंबई का सी लिंक आपको भाएगा समुन्दर के वक्ष पे आबाद है .डॉ .साहब छोटी बिटिया के पास हूँ केंटन ,मिशिगन में , जो इन दिनों हर्नियेतिद लम्बर के लिए काइरोप्रेक्टिक चिकित्सा ले रही है .कृपया यहाँ भी पधारें -
    शुक्रवार, 24 अगस्त 2012
    Sciatica & Leg Pain

    Sciatica & Leg Pain

    Chiropractic Bringing out the Best in you

    Sciatic Nerve

    Either of the two nerves that run from the back of the hip down the thigh to the calf.
    Your sciatic nerve is the longest and largest nerve in your body .It begins in your lower back as five smaller nerves joining together and extends to your pelvis ,thigh ,knee ,calf ,ankle ,foot and toes.
    Your sciatica nerve is formed from lower lumbar nerves.

    Sciatic means relating to or affecting the back of the hip or the sciatic nerve.Also sciatic means causing sciatica or caused by sciatica.

    What is Sciatica ?

    When this large nerve becomes inflamed the condition is called sciatica(pronounced si’ad-a’ka)and the pain can be intense !The pain may follow the path of your nerve –down the back of your legs and thighs ,down to your ankle ,foot and toes –but it can also radiate to your back !

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  3. अपने तो आज हमारा मन जीत लिया, रेल के इतने सुन्दर चित्र लगाकर।

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  4. बहुत अद्भुत प्रस्तुति...

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  5. बहुत सुंदर रेल है और उससे भी सुंदर वहां के नज़ारे है

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  6. डॉक्टर साहब! आप ऐसे चित्र लगाकर मन को बेइमान बना दे रहे हैं ...जेब टटोलने को मज़बूर कर दे रहे हैं ...और फिर आहें भरने के लिये भी कि "काश ! ....

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  7. ज़िन्दगी यूं बे -पर्दा ,सुबह शाम होती है
    पर्देदारी का एहतराम होती है ,
    किसी का फरमान ,किसी का एहसान होती है .आपकी द्रुत टिपण्णी के लिए आभार .बेश कीमतीं हैं हमारे लिए ये टिपण्णी . आपके संस्मरणों का विदेश यात्रा के सन्दर्भ में इंतज़ार .शैर बस यूं ही लिख दिया ,पता नहीं इसका कुछ अर्थ भी निकलता है या नहीं .

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  8. मैं जब पूछने ही वाली थी की ये चित्र कहाँ के हैं आपने कह दिया नहीं जानते. मुझे तो सबमें बैठने की इच्छा हो रही है. गजब के चित्र हैं!
    घुघूतीबासूती

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  9. विमान यात्री इन रेलों का मज़ा क्या जानें!

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