फ़ोटो संख्या चार के जैसा नजारा अपनी आँखो से देखना हो तो रोहतांग से लगभग 150 किमी आगे सरचू से 30 किमी पहले एक दर्रा बारालाचा आयेगा आपको हमेशा अगर मार्ग खुला हो तो ऐसा नजारा मिल जायेगा। अगर आप उस दर्रे पर होकर आये हो आपको याद ही होगा।
मेडिकल डॉक्टर, न्युक्लीअर मेडीसिन फिजिसियन--
ओ आर एस पर शोध में गोल्ड मैडल--
एपीडेमिक ड्रोप्सी पर डायग्नोस्टिक क्राइटेरिया --
सरकार से स्टेट अवार्ड प्राप्त--
दिल्ली आज तक पर --दिल्ली हंसोड़ दंगल चैम्पियन --
नव कवियों की कुश्ती में प्रथम पुरूस्कार ---
अब ब्लॉग के जरिये जन चेतना जाग्रत करने की चेष्टा --
अपना तो उसूल है, हंसते रहो, हंसाते रहो. ---
जो लोग हंसते हैं, वो अपना तनाव हटाते हैं. ---
जो लोग हंसाते हैं, वो दूसरों के तनाव भगाते हैं. ---
बस इसी चेष्टा में लीनं.
सभी चित्र उत्तम हैं।
जवाब देंहटाएंरोचक..
जवाब देंहटाएंफ़ोटो संख्या चार के जैसा नजारा अपनी आँखो से देखना हो तो रोहतांग से लगभग 150 किमी आगे सरचू से 30 किमी पहले एक दर्रा बारालाचा आयेगा आपको हमेशा अगर मार्ग खुला हो तो ऐसा नजारा मिल जायेगा। अगर आप उस दर्रे पर होकर आये हो आपको याद ही होगा।
जवाब देंहटाएंनहीं भाई , हम तो रोहतांग तक ही गए हैं । बस वहां खड़े होकर झांक लिया था कि आगे क्या दिखता है ।
हटाएंसर जी,एक ही बात पक्की हैः इंडिया का कुछ भी नहीं है! मौत का रास्ता छोड़कर,अगर कुछ भी इंडिया का हो,तो बताइएगा। हम भी हो आएंगे!
जवाब देंहटाएंराधारमण जी , यह वाला भी बाहर का ही लगता है ।
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