सोमवार, 3 अक्तूबर 2011

कुछ रहस्यमयी , कुछ मनभावन तस्वीरें ---

आसमान से --


फ़रिश्ते उतर आए ज़मीं पर --



दुनिया रंगीन हो गई --



चाँद ने भी झांक कर देखा पेड़ों की ओट से --



बादल भी निहारने लगे पृथ्वी को --



पाताल में भी रंग बिखर गए --



रात भी कम रंगीन नहीं रही --



जिंदगी हर हाल में सरपट दौड़ती है --



सिर्फ पृथ्वी ही गोल नहीं है ---



पृथ्वी पर जीवन के भी अनेक रूप हैं ---



अन्तरिक्ष की ओर उड़ान---



ज़मीन पर जब शाम होने लगी --



तब आसमान में भी रंगों की छटा उभर आई .....


तो यह था ज़मीं से आसमाँ , और आसमाँ से ज़मीं तक का सफ़र .


6 टिप्‍पणियां:

  1. डाक्टर साहब सभी चित्र मन भावन हैं लेकिन कहाँ के हैं ये समझ में नहीं आया..

    नीरज

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  2. सभी चित्र आकर्षक और मनभावन हैं। सार्वजनिक करने हेतु धन्यवाद।

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  3. नीरज जी , सब पुराने हैं । ज़रा याद कीजिये ।
    टोरोंटो से क्यूबेक के रास्ते के हैं ।

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  4. अद्भुत तस्वीरें हैं। आप चाहें,तो फोटोग्राफी की कक्षाएं भी शुरू कर सकते हैं। बहुत से ब्लॉगरों को फायदा होगा।

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