प्रस्तुत हैं कुछ तस्वीरें , यादों के पिटारे से ----

दूर इस झील के पार हमारा घर है ----।

ओहरे ताल मिले नदी के जल में , नदी मिले सागर में ---।

उफान पर नदी ।

अंग्रेजों की रातें बड़ी रंगीन होती हैं ---।

शाम होते ही पंछी घर की ओर चल देते हैं ----।

दो देश ---एक तरफ दिन , एक तरफ रात ----।

चौड़े पाट वाली नदी , कैसा रूप धारण कर लेती है ----।

थोडा दाना हमें भी ----।

आजा शाम होने आई , मौसम ने ली अंगडाई ----।

ये छोटे छोटे हवाई ज़हाज़ हैं या ----। क्या उड़ान है !

इंसान का सच्चा स्वरुप ----।

इस गाड़ी का नाम जानते हैं ?

शांत झील में थोड़ी सी खलबली ----।

ये शांत झील और ये शाम का समां ----।

ये कहाँ आ गए हम ---ये आ रहे हैं या जा रहे हैं ?
ेक से बढ कर एक बढिया तस्वीर। अगर ये भी बता देते कि कहाँ की हैं तो और भी अच्छा लगता। धन्यवाद।
जवाब देंहटाएंअंग्रेजों की रातें बड़ी रंगीन होती हैं.
जवाब देंहटाएंहम भी जंगल में मंगल मनाते हैं...
भले ही रातें काली क्यों न हों....
सुन्दर चित्र हैं भाई साहब
राम राम
क्या तस्वीरे है , कहाँ की है
जवाब देंहटाएंमृत्युंजय कुमार राय
वाह..केनेडा का नियाग्रा जल प्रपात घुमा दिया आपने...बेहतरीन तस्वीरें...एक से बढ़ कर एक...
जवाब देंहटाएंनिर्मला जी , ये तस्वीरें कनाडा के टोरोंटो शहर और नायग्रा फाल्स की हैं ।
जवाब देंहटाएंसब से पहले तो...इस गाड़ी का नाम जानते हैं ?
जवाब देंहटाएंक्यो नही जनाब यह है हामा हा २,(Hummer H 2) बनी है अमेरिका की, बाकी सभी चित्र बहुत सुंदर लगे, ओर इस फ़ाल्स को तो खुब पहचानते है जी, धन्यवाद
very nice
जवाब देंहटाएंसही बताया भाटिया जी । हमें ही याद नहीं आ रहा था । आभार ।
जवाब देंहटाएंपहले एक कैमरा ख़रीद लूं। फिर आता हूं आपके पास गुर सीखने।
जवाब देंहटाएंgreat pics...thanks.
जवाब देंहटाएंवाह क्या सीन हैं ...।
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