गुरुवार, 27 दिसंबर 2012

गाना आए या न आए , गाना चाहिए ---


ऐसा नज़ारा और कहाँ मिलेगा देखने को !



अब तो समझ में आ ही गया कि पहले अंडा ही आया था।






आखिर ऑटो रिक्शा वाले के भी कुछ ज़ज्बात होते हैं !






यूज करें या न करें , यह तो आपकी मर्ज़ी है। हमारा काम तो समझाना था।






फोन नंबर तो है ही, मिलाकर देखिये तो।






वाह ! सही मायने में धर्म निरपेक्षता का उदाहरण !  अच्छा लगा।






न बाथरूम, न वाशरूम , न ही रेस्टरूम -- इसे कहते हैं हिंगलिश !







जल्दी कीजिये -- लगता है टी वी वालों को भी यह कहने की आदत इसे पढ़कर ही पड़ी होगी।



7 टिप्‍पणियां:


  1. नूतन वर्ष अभिनन्दन .

    Virendra Sharma ‏@Veerubhai1947
    ram ram bhai मुखपृष्ठ http://veerubhai1947.blogspot.in/ बृहस्पतिवार, 27 दिसम्बर 2012 खबरनामा सेहत का



    Virendra Sharma ‏@Veerubhai1947
    ram ram bhai मुखपृष्ठ http://veerubhai1947.blogspot.in/ बृहस्पतिवार, 27 दिसम्बर 2012 दिमागी तौर पर ठस रह सकती गूगल पीढ़ी

    स्पेम में गईं हैं टिप्पणियाँ भाई सा

    उत्तर देंहटाएं

  2. शुक्रिया आपकी सद्य टिपण्णी का .

    इस देश को रखना मेरे बच्चों संभाल के ....

    उत्तर देंहटाएं
  3. मजा आ गया । आशा है भविष्य में भी आप इस तरह के चित्र प्रस्तुत करते रहेंगे। धन्यवाद। मेरे नए पोस्ट पर आपका स्वागत है। धन्यवाद।

    उत्तर देंहटाएं
  4. क्योंकि हर फ़ोटो कुछ कहता है , कैप्शन ने तो इसे और भी मजेदार बना दिया है । कमाल की पोस्ट


    अव्यवस्था के प्रति असंतोष से उपजता आंदोलन



    उत्तर देंहटाएं