सोमवार, 27 जून 2011

प्रकृति की मनुष्य के लिए भेंट ---

पृथ्वी पर प्रकृति ने मनुष्य को बहुत बड़ा खज़ाना दिया है --पहाड़ , पेड़ और पानी के रूप में ।
इनकी रक्षा करना हमारा काम है ।
आइये देखते हैं प्रकृति के कुछ मनभावन रूप :



मौसम का मज़ा लेता हुआ पक्षी










१४० साल पुराना पेड़



पाइन फोरेस्ट




पेपर वुड वृक्ष




जंगल के लिए टिकेट घर
















सिम्स पार्क कुन्नूर में एक पिकनिक पेड़








यूकेलिप्टस के पेड़



शाम के समय




बादल भी घिर आए हैं ।

नोट : सभी चित्र ऊटी और आस पास के क्षेत्रों में लिए गए हैं ।

शुक्रवार, 27 मई 2011

दिल्ली की सड़कों के नज़ारे ----

चलते चलते कभी कभी दिल्ली की सड़कों पर कुछ नज़ारे पसंद आ जाते हैं ।
प्रस्तुत हैं कुछ झलकियाँ :



अंडर पास




रियर व्यू मिरर में






कद ऊंचा करने की कोशिश ?



नेचुरल इंस्टिंक्ट






सड़क पर पेड़ तले भी घर चलते हैं ।




किसी पर जल्दी --किसी पर देर से --बहार आती है ।








बहार आने से पहले









बहार आने के बाद



रविवार, 3 अप्रैल 2011

सन सेट क्रूज --गोवा

गोवा में शाम के समय , मांडवी नदी में क्रूज का सफ़र , सूर्यास्त के नज़ारे का आनंद दुगना कर देता है ।


बोट के अपर डेक पर बना है यह मंच जहाँ नृत्य और संगीत का आयोजन किया जाता है ।



सब अपना अपना स्थान संभाल कर बैठ चुके हैं ।



सबसे पहले बाल नृत्य पेश किया गया ।



फिर गोवा का लोक नृत्य ।



सूरज डूबने लगा तो सबका ध्यान उधर खिंच गया ।



सूर्यास्त ।



एक और बोट निकल पड़ी सैर कराने के लिए ।



नदी का पानी भी शाम के धुंधलके का आनंद ले रहा था ।


लाइटें जलने के बाद कुछ और ही छटा थी ।



लाइटों से सजा यह क्रूज शिप बड़ा सुहावना लग रहा था ।



हिंदी फ़िल्मी संगीत पर थिरकते ये नौज़वान , शाम की रंगीनियों का मज़ा लेते हुए ।

सोमवार, 7 मार्च 2011

मयेम लेक --गोवा --इतनी खूबसूरत झील मैंने पहले कभी नहीं देखी....

मयेम लेक --नोर्थ गोवा








यहाँ बोटिंग भी कर सकते हैं

























झील किनारे सुन्दर बगीचा है







झील के बाहर यह रहड़ी वाला --बहुत स्वादिष्ट -- स्वीट लेमन सोडा --बनाते हुए



शुक्रवार, 18 फ़रवरी 2011

एक दिल्ली ऐसी भी --मोबाईल कैमरे से ....

पिछले महीने पल्स पोलिओ अभियान के दौरान दिल्ली के एक ऐसे क्षेत्र में जाकर निरीक्षण करना पड़ा जहाँ आम तौर पर कभी जाना नहीं होता ।
प्रस्तुत हैं इस क्षेत्र की कुछ तस्वीरें जो मोबाईल कैमरे से ली गई हैं ।


गली में एक पब्लिक स्कूल ।



साईकल और साईकल रिक्शा --मुख्य वाहन ।


लेकिन स्कूल बसें और कारें भी , भले ही गंदगी के बीच ।



खुली नालियां --यहाँ अभी भी सीवर लाइन नहीं है।




एक रिक्शा पर पूरी की पूरी दूकान आ जाती है ।




देसी ट्रांसपोर्ट --ट्रेक्टर ।


बिजली तो यहाँ भी है लेकिन शायद साझली ।




और यह ओपन एयर हेयर कटिंग सैलून । क्या हुआ ग़र नाली के ऊपर है । बाल तो यहाँ भी फैशन के ही काटे जाते हैं ।