प्रस्तुत हैं कुछ झलकियाँ :

अंडर पास

कद ऊंचा करने की कोशिश ?
नेचुरल इंस्टिंक्ट
सड़क पर पेड़ तले भी घर चलते हैं ।
किसी पर जल्दी --किसी पर देर से --बहार आती है ।

नेचुरल इंस्टिंक्ट
सड़क पर पेड़ तले भी घर चलते हैं ।
किसी पर जल्दी --किसी पर देर से --बहार आती है ।
बोट के अपर डेक पर बना है यह मंच जहाँ नृत्य और संगीत का आयोजन किया जाता है ।
सब अपना अपना स्थान संभाल कर बैठ चुके हैं ।
सबसे पहले बाल नृत्य पेश किया गया ।
फिर गोवा का लोक नृत्य ।
सूरज डूबने लगा तो सबका ध्यान उधर खिंच गया ।
सूर्यास्त ।
एक और बोट निकल पड़ी सैर कराने के लिए ।
नदी का पानी भी शाम के धुंधलके का आनंद ले रहा था ।
लाइटें जलने के बाद कुछ और ही छटा थी ।
लाइटों से सजा यह क्रूज शिप बड़ा सुहावना लग रहा था ।
गली में एक पब्लिक स्कूल ।
साईकल और साईकल रिक्शा --मुख्य वाहन ।
लेकिन स्कूल बसें और कारें भी , भले ही गंदगी के बीच ।
खुली नालियां --यहाँ अभी भी सीवर लाइन नहीं है।
एक रिक्शा पर पूरी की पूरी दूकान आ जाती है ।
देसी ट्रांसपोर्ट --ट्रेक्टर ।
बिजली तो यहाँ भी है लेकिन शायद साझली ।
और यह ओपन एयर हेयर कटिंग सैलून । क्या हुआ ग़र नाली के ऊपर है । बाल तो यहाँ भी फैशन के ही काटे जाते हैं ।