शुक्रवार, 27 मई 2011

दिल्ली की सड़कों के नज़ारे ----

चलते चलते कभी कभी दिल्ली की सड़कों पर कुछ नज़ारे पसंद आ जाते हैं ।
प्रस्तुत हैं कुछ झलकियाँ :



अंडर पास




रियर व्यू मिरर में






कद ऊंचा करने की कोशिश ?



नेचुरल इंस्टिंक्ट






सड़क पर पेड़ तले भी घर चलते हैं ।




किसी पर जल्दी --किसी पर देर से --बहार आती है ।








बहार आने से पहले









बहार आने के बाद



रविवार, 3 अप्रैल 2011

सन सेट क्रूज --गोवा

गोवा में शाम के समय , मांडवी नदी में क्रूज का सफ़र , सूर्यास्त के नज़ारे का आनंद दुगना कर देता है ।


बोट के अपर डेक पर बना है यह मंच जहाँ नृत्य और संगीत का आयोजन किया जाता है ।



सब अपना अपना स्थान संभाल कर बैठ चुके हैं ।



सबसे पहले बाल नृत्य पेश किया गया ।



फिर गोवा का लोक नृत्य ।



सूरज डूबने लगा तो सबका ध्यान उधर खिंच गया ।



सूर्यास्त ।



एक और बोट निकल पड़ी सैर कराने के लिए ।



नदी का पानी भी शाम के धुंधलके का आनंद ले रहा था ।


लाइटें जलने के बाद कुछ और ही छटा थी ।



लाइटों से सजा यह क्रूज शिप बड़ा सुहावना लग रहा था ।



हिंदी फ़िल्मी संगीत पर थिरकते ये नौज़वान , शाम की रंगीनियों का मज़ा लेते हुए ।

सोमवार, 7 मार्च 2011

मयेम लेक --गोवा --इतनी खूबसूरत झील मैंने पहले कभी नहीं देखी....

मयेम लेक --नोर्थ गोवा








यहाँ बोटिंग भी कर सकते हैं ।

























झील किनारे सुन्दर बगीचा है ।







झील के बाहर यह रहड़ी वाला --बहुत स्वादिष्ट -- स्वीट लेमन सोडा --बनाते हुए ।



शुक्रवार, 18 फ़रवरी 2011

एक दिल्ली ऐसी भी --मोबाईल कैमरे से ....

पिछले महीने पल्स पोलिओ अभियान के दौरान दिल्ली के एक ऐसे क्षेत्र में जाकर निरीक्षण करना पड़ा जहाँ आम तौर पर कभी जाना नहीं होता ।
प्रस्तुत हैं इस क्षेत्र की कुछ तस्वीरें जो मोबाईल कैमरे से ली गई हैं ।


गली में एक पब्लिक स्कूल ।



साईकल और साईकल रिक्शा --मुख्य वाहन ।


लेकिन स्कूल बसें और कारें भी , भले ही गंदगी के बीच ।



खुली नालियां --यहाँ अभी भी सीवर लाइन नहीं है।




एक रिक्शा पर पूरी की पूरी दूकान आ जाती है ।




देसी ट्रांसपोर्ट --ट्रेक्टर ।


बिजली तो यहाँ भी है लेकिन शायद साझली ।




और यह ओपन एयर हेयर कटिंग सैलून । क्या हुआ ग़र नाली के ऊपर है । बाल तो यहाँ भी फैशन के ही काटे जाते हैं ।

मंगलवार, 4 जनवरी 2011

क्या ऐसी कलाकृतियाँ आपने देखी हैं कहीं ?

दिल्ली में एम्स का चौराहा यातायात की दृष्टि से सबसे ज्यादा व्यस्त चौराहों में से एक है ।
लेकिन यहाँ क्लोवर लीफ का प्रयोग करते हुए , इसे अब सिग्नल फ्री बना दिया गया है ।
चारों ओर घूमती बल खाती सड़कों के बीच बने हरे भरे पार्क बड़े मनभावन लगते हैं ।
इन्हीं पार्कों में बने ये स्टील स्प्राउट्स , इस जगह की खूबसूरती में चार चाँद लगा रहे हैं ।

आप भी घर बैठे इनका आनंद लीजिये :



एम्स चौराहा । पृष्ठ भूमि में एम्स अस्पताल ।


सड़क के बायीं ओर सिर्फ एक झुरमुट ।


पीछे एम्स की ईमारत ।


सड़क पर चलती लो फ्लोर ए सी रेड्लाइन बस ।


एक किलर ब्ल्यू लाइन भी ।


सड़क के दायीं ओर यह पार्क --पीछे सफदरजंग अस्पताल ।


इसी पार्क में ये फैला हुआ झुरमुट ।


दूसरी ओर से ।


ऊपर आसमान , नीचे घास का प्रतिबिम्ब ।


क्या आपने देखी है कहीं और ऐसी कलाकृतियाँ ?
बताइयेगा ज़रूर।

नोट : पूरा विवरण अंतर्मंथन पर पढ़ सकते हैं ।