गुरुवार, 12 जनवरी 2012

यदि हाथ में कैमरा हो और मन में उत्साह--

कैमरा भी कभी कभी अविस्मरणीय पलों को कैद कर लेता है । प्रस्तुत हैं , ऐसे ही हैरत में डालने वाले , लेकिन हंस हंस कर लोट पोट कर देने वाले, कुछ फोटो जो हमें एक मित्र से इ-मेल द्वारा प्राप्त हुए ।


किस्मत अपनी अपनी ।


हेंड्स फ्री --बिहारी इस्टाइल । अब कोई पुलिस वाला भला क्या चालान कटेगा ।



अब चोर तो क्या चोर का बाप भी न साईकल चुरा सकता है , न चप्पलें ।
ज़रूर यह फोटो मंदिर के बाहर लिया गया होगा ।



गोवा की रंगीनियाँ । यहाँ सब कुछ रंगीन है ।



अरे दादी चिंता क्यों करती है । अभी पहुंचाते हैं तुम्हे दादा के पास ।



इसे कहते हैं --चक्के पे चक्का । लेकिन सीट रिजर्व्ड है भाई ।




परन्तु अपनी तो यही सवारी बेस्ट है बापू । अब सवारी है तो स्कूल पैदल क्यों जाऊं ।



ताकत आजमाने का यह तरीका भी बढ़िया है । इस हसीन लड़ाई पर वारी वारी जाऊं ।




लेकिन शांति से बिना लड़े भी हराया जा सकता है । देखिये वो मेन स्पेशल ।



कोई देख सुन रहा है !

नोट : ये फोटो किसने खींचे हैं , यह तो पता नहीं । लेकिन खींचने वाले की दाद देनी पड़ेगी । बहुत दिलचस्पी से फोटो उतारे हैं ।
वैसे भी यदि हाथ में कैमरा हो और मन में उत्साह , तो आँखें खुद ही तलाश कर लेती हैं ऐसे मनभावन पल ।

6 टिप्‍पणियां:

  1. सही कहा...बहुत मजेदार फोटो हैं...

    नीरज

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  2. वाह फ़ोटो लेने वाले ने कमाल कर दिया

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  3. मंदिर के बाहर साइकिल और वोमेन स्पेशल वाले चित्र ज्यादा प्रचारित होने चाहिए।

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