मंगलवार, 16 अक्टूबर 2012

रंगों की बारात --


विश्व के विभिन्न देशों से लिए गए कुछ मनोहारी चित्र 




फ्लोरिडा में सूर्यास्त के बाद एक दुर्लभ दृश्य -- फायर रेनबो क्लाउड 







जेनेवा स्विट्जर्लेंड में दो नदियों का संगम 





सूर्यास्त का अद्भुत दृश्य 





आयरिश स्काई गार्डन क्रेटर 






रूस में बर्फ में बनी एक सुरंग रौशनी में . 





जयपुर के निकट आभानेरी गाँव में चाँद बावरी 



विश्व का सबसे गहरा स्टेप्वेल 




नोट : सभी चित्र साभार इ मेल से प्राप्त . 

शुक्रवार, 24 अगस्त 2012

दुनिया की अद्भुत रेल यात्रायें ---



पहाड़ी नदी के समानांतर चलती सड़क और रेल, मानो आपस में होड़ लगा रही हों .




इस जगह तो सड़क भी खतरनाक दिखती है . फिर रेल तो कमाल दिखा रही है .




बर्फ से ढकी पहाड़ियों के बीच बर्फीली घाटी से गुजरती रेल .



झील को चीरती रेल तो पहली बार देखी है .



कंधे से कन्धा मिलाकर चलती रेल .




अंत में केटर पिलर रेल .


नहीं जानते ये ट्रेन्स कहाँ की हैं . शायद आप बता पायें !




सोमवार, 13 अगस्त 2012

स्वतंत्रता दिवस की ६५ वीं वर्षगांठ पर -- शहीदों के नाम ...




विश्व का सबसे ऊंचा युद्ध मैदान -- सियाचिन , जहाँ वर्ष के हर दिन बर्फ में ढके पहाड़ मनुष्य की ताकत और सहनशीलता को चुनौती देते हैं .

क्या पाकिस्तान के कहने पर यहाँ से फौजों को हटाया जा सकता है ?





हर मौसम , हर हाल में , दिन रात मुस्तैद रह कर रक्षा करते हैं ये सीमा की .





यही घर है , यही रैन बसेरा -- यही महल है इनका .





ये बर्फीली पहाड़ियां ही जीवन है इनका .





झील का ठंडा पानी पीकर मस्त रहते हैं ये बाँकुरे .




शहीदों को नमन .




यदि ये न होते तो आज हम सुख शांति की जिंदगी न जी रहे होते .

नोट : आभार डॉ राजेश सोबती .


मंगलवार, 7 अगस्त 2012

अफ्रीका के जंगलों से ---

सावन गुजर गया . लेकिन यहाँ सावन की काली घटा अभी ही छाई है . देखते हैं , कुछ ऐसी ही तस्वीरें --
































नोट : सभी तस्वीरें इ-मेल से प्राप्त .


सोमवार, 23 जुलाई 2012

ऊटी में वैक्स से बनी मूर्तियाँ ---


लन्दन के MADAME TUSSAUD म्यूजियम में अनेक देशों के अनेकों सेलेब्रिटीज की वैक्स से बनी आदम कद मूर्तियाँ देखकर सचमुच बहुत हैरानी होती है . इसमें हमारे भी अमिताभ बच्चन , ऐश्वर्या और शाहरुख़ खान की मूर्तियाँ बिल्कुल असली जैसी जान पड़ती हैं . ज़ाहिर है , इनके बनाने में लाखों पाउंड का खर्चा आता होगा .

लेकिन अपने ही देश के ऊटी शहर में एक परिवार ने वैक्स से बनी देश के महापुरुषों और अन्य जाने माने लोगों की मूर्तियाँ बनाकर प्रदर्शनी लगा रखी है जिसकी एंट्री फीस भी मात्र १० या २० रूपये है . हैरानी की बात है , इनमे भी उतना ही कौशल नज़र आता है जितना लन्दन की मूर्तियों में . फिर भी इनके बारे में शायद बहुत कम लोग जानते हैं .


महात्मा गाँधी



वीर छत्रपति शिवाजी



यह कम से कम ५ साल पहले तो बनाई गई होगी .



नेता जी रविन्द्र नाथ टैगोर के साथ



साईं बाबा


वीरप्पन




अंत में एक शराबी का हस्र .

इन मूर्तियों को देखकर यही लगता है -- कितना टेलेंट छुपा रहता है , और छुपा ही रह जाता है .