सोमवार, 7 मार्च 2011

मयेम लेक --गोवा --इतनी खूबसूरत झील मैंने पहले कभी नहीं देखी....

मयेम लेक --नोर्थ गोवा








यहाँ बोटिंग भी कर सकते हैं

























झील किनारे सुन्दर बगीचा है







झील के बाहर यह रहड़ी वाला --बहुत स्वादिष्ट -- स्वीट लेमन सोडा --बनाते हुए



शुक्रवार, 18 फ़रवरी 2011

एक दिल्ली ऐसी भी --मोबाईल कैमरे से ....

पिछले महीने पल्स पोलिओ अभियान के दौरान दिल्ली के एक ऐसे क्षेत्र में जाकर निरीक्षण करना पड़ा जहाँ आम तौर पर कभी जाना नहीं होता ।
प्रस्तुत हैं इस क्षेत्र की कुछ तस्वीरें जो मोबाईल कैमरे से ली गई हैं ।


गली में एक पब्लिक स्कूल ।



साईकल और साईकल रिक्शा --मुख्य वाहन ।


लेकिन स्कूल बसें और कारें भी , भले ही गंदगी के बीच ।



खुली नालियां --यहाँ अभी भी सीवर लाइन नहीं है।




एक रिक्शा पर पूरी की पूरी दूकान आ जाती है ।




देसी ट्रांसपोर्ट --ट्रेक्टर ।


बिजली तो यहाँ भी है लेकिन शायद साझली ।




और यह ओपन एयर हेयर कटिंग सैलून । क्या हुआ ग़र नाली के ऊपर है । बाल तो यहाँ भी फैशन के ही काटे जाते हैं ।

मंगलवार, 4 जनवरी 2011

क्या ऐसी कलाकृतियाँ आपने देखी हैं कहीं ?

दिल्ली में एम्स का चौराहा यातायात की दृष्टि से सबसे ज्यादा व्यस्त चौराहों में से एक है ।
लेकिन यहाँ क्लोवर लीफ का प्रयोग करते हुए , इसे अब सिग्नल फ्री बना दिया गया है ।
चारों ओर घूमती बल खाती सड़कों के बीच बने हरे भरे पार्क बड़े मनभावन लगते हैं ।
इन्हीं पार्कों में बने ये स्टील स्प्राउट्स , इस जगह की खूबसूरती में चार चाँद लगा रहे हैं ।

आप भी घर बैठे इनका आनंद लीजिये :



एम्स चौराहा । पृष्ठ भूमि में एम्स अस्पताल ।


सड़क के बायीं ओर सिर्फ एक झुरमुट ।


पीछे एम्स की ईमारत ।


सड़क पर चलती लो फ्लोर ए सी रेड्लाइन बस ।


एक किलर ब्ल्यू लाइन भी ।


सड़क के दायीं ओर यह पार्क --पीछे सफदरजंग अस्पताल ।


इसी पार्क में ये फैला हुआ झुरमुट ।


दूसरी ओर से ।


ऊपर आसमान , नीचे घास का प्रतिबिम्ब ।


क्या आपने देखी है कहीं और ऐसी कलाकृतियाँ ?
बताइयेगा ज़रूर।

नोट : पूरा विवरण अंतर्मंथन पर पढ़ सकते हैं ।

मंगलवार, 7 दिसंबर 2010

कुछ अप्रकाशित तस्वीरें , जिन्हें देखकर मन की उदासी दूर हो जाए --

विपरीत परिस्थितियों में मूढ़ ठीक करने के लिए तस्वीरों से ज्यादा बेहतर भला क्या हो सकता है । तस्वीरें भी यदि प्रकृति की हों तो क्या कहने ।

प्रस्तुत हैं मेरी पसंद की अप्रकाशित तस्वीरें , पिछली कनाडा यात्रा से ।

शाम के धुंधलके में झील का नज़ारा ।




नदी के ऊपर यह प्लेटफार्म ।


एक और शाम ।

नदिया के प़ार ।



जंगल में ।



पूर्ण शांति ।

जिस गाँव की सड़कें ऐसी हों , वहां जिंदगी कैसी होगी !



यहाँ ड्राइव करने का मज़ा ही कुछ और है ।




पंछी की परवाज़ ।



नीले आसमान पर सफ़ेद बादलों की छटा ही निराली है ।


सूरज झाँकने की कोशिश करता हुआ ।

एक प्राकृतिक सौन्दर्य ।


एक फ्रेंच स्टाइल का मकान ।

सोमवार, 25 अक्टूबर 2010

दिल्ली का इन्द्रप्रस्थ पार्क --एक नज़र .

दिल्ली में यमुना के किनारे , रिंग रोड पर बने इन्द्रप्रस्थ पार्क में बना है , शांति स्तूप --सफ़ेद संगमरमर में ।



पार्क में घुसते ही ये खाने पीने की दुकाने हैं । प्रष्ठ भूमि में शांति स्तूप ।




वहां जाने के लिए इस गेट से होकर जाना पड़ता है ।



एक एंगल से ।



यह चोटी शहर में पहाड़ का अहसास देती हुई ।



यहाँ एक छोटा सा जंगल भी है --एकदम घना ।


रास्ता बना है स्तूप तक जाने के लिए ।



साथ में रेलवे लाइन ।


सचमुच दिल्ली बहुत हरी भरी है ।